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कोलकाता के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध हावड़ा ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान और गौरव का प्रतीक है। हुगली नदी पर निर्मित यह ऐतिहासिक कैंटिलीवर पुल दशकों से कोलकाता और हावड़ा के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम बना हुआ है।
हावड़ा। कोलकाता के प्रवेश द्वार के रूप में प्रसिद्ध हावड़ा ब्रिज केवल एक पुल नहीं, बल्कि बंगाल की पहचान और गौरव का प्रतीक है। हुगली नदी पर निर्मित यह ऐतिहासिक कैंटिलीवर पुल दशकों से कोलकाता और हावड़ा के बीच संपर्क का प्रमुख माध्यम बना हुआ है। प्रतिदिन लगभग 80 हजार वाहन और 10 लाख से अधिक लोग इस पुल का उपयोग करते हैं। अब यही ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज भारतीय प्राचीन योग परंपरा के एक विशेष आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है।
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आगामी सोमवार को ‘गंगा योगा कॉरिडोर’ थीम के तहत हावड़ा ब्रिज पर एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पुल के एक ओर स्थित फुटपाथ पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग इस योग सत्र में भाग लेंगे।
एक ओर प्रवाहित होती गंगा और दूसरी ओर विरासत के प्रतीक हावड़ा ब्रिज के बीच आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति तथा स्वस्थ जीवनशैली का संदेश देने का माध्यम बनेगा। कार्यक्रम के दौरान पुल से गुजरने वाले हजारों लोग भी इस अनूठे आयोजन के साक्षी बनेंगे।
प्रशासन का मानना है कि देश के सबसे व्यस्त पुलों में से एक पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर इस प्रकार का आयोजन एक नई मिसाल कायम करेगा। यह पहल न केवल योग के महत्व को रेखांकित करेगी, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और भारत की प्राचीन परंपराओं के सुंदर संगम को भी प्रदर्शित करेगी।
कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हावड़ा ब्रिज का निरीक्षण किया। आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हावड़ा ब्रिज पर आयोजित होने वाला यह विशेष कार्यक्रम परंपरा, संस्कृति और स्वास्थ्य के संदेश को एक सूत्र में पिरोते हुए एक अनूठी मिसाल पेश करने जा रहा है।