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25 जून को होने वाली सुनवाई में न्यायालय पार्टी के बैंक खातों पर लगी रोक, प्राथमिकी और जांच की वैधता से जुड़े मुद्दों पर विचार कर सकता है
कोलकाता। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर पुलिस द्वारा पार्टी के तीन बैंक खातों से धन निकासी और लेनदेन पर लगाई गई रोक को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है। मामले की सुनवाई 25 जून को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत में होने की संभावना है।
सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत से मामले की मंगलवार को तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया था। हालांकि, अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मामले को 25 जून के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
तृणमूल कांग्रेस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि पार्टी के तीन बैंक खातों पर रोक लगाने की कार्रवाई बगैर प्रारंभिक जांच की गई। पार्टी का कहना है कि पुलिस ने शिकायत की सत्यता की पड़ताल किए बिना ही खातों के खिलाफ कठोर कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे संगठन के नियमित कामकाज पर गंभीर असर पड़ा है।
यह कार्रवाई तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत के बाद की गई थी। दास ने पार्टी के बैंक खातों और धन के उपयोग को लेकर कथित बड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को निराधार, दुर्भावनापूर्ण और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित बताया है।
याचिका में पार्टी ने कहा है कि विश्वनाथ दास ने हाल में जयनगर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। पार्टी के अनुसार, दास को इन्हीं बैंक खातों से 25 लाख रुपये का भुगतान भी किया गया था।
तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि इससे शिकायत की मंशा और उसके आधार पर उठाए गए आरोपों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।
पार्टी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि राज्य में नई निर्वाचित सरकार के आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित रूप से राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई की जा रही है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर विपक्षी दल के सदस्यों को निशाना बना रही है।
तृणमूल कांग्रेस ने बिधाननगर पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को रद्द करने की मांग भी की है। इसके साथ ही पार्टी ने याचिका के लंबित रहने तक मामले की जांच पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
मामले में पुलिस और शिकायतकर्ता की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 25 जून को होने वाली सुनवाई में न्यायालय पार्टी के बैंक खातों पर लगी रोक, प्राथमिकी और जांच की वैधता से जुड़े मुद्दों पर विचार कर सकता है।