सॉल्टलेक के गो रामू एक्सपायरी डेट घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
कोलकाता, 23 जून। 'छपते-छपते' में गत 14 मई को सॉल्टलेक के सीएफ ब्लॉक स्थित ग्रोसरी स्टोर 'गो रामू' द्वारा किए जा रहे बड़े फर्जीवाड़े और ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद आखिरकार पुलिस प्रशासन की नींद टूटी और 'छपते-छपते' की खबर का एक बड़ा असर देखने को मिला है। फूलबगान थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड और उसके सहयोगी को झारखंड के पारसनाथ से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी सुनील जैन व वेदांत जैन को शनिवार को दबोचा गया, जिन्हें रविवार को अदालत में पेश करने के बाद 7 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इनसे मैराथन पूछताछ कर पूरे घोटाले व अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
भविष्य की तारीखों में ही बन जाता था माल!
पुलिसिया जांच और शिकायतकर्ताओं के बयानों में इस गिरोह के काम करने के तरीके को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 'गो रामू' स्टोर पर न केवल एक्सपायरी डेट (अवधि पार) के पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स और ग्रोसरी का सामान धड़ल्ले से बेचा जा रहा था, बल्कि जालसाजी की सारी हदें पार कर दी गई थीं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्टोर पर ऐसे कई प्रोडक्ट्स और पैकेज्ड स्नैक्स मौजूद थे, जिन पर मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) की ऐसी तारीखें दर्ज थीं जो कैलेंडर में अभी तक आई ही नहीं थीं। यानी जो तारीख अभी भविष्य के गर्भ में है, उस तारीख में बने माल को पहले ही स्टोर पर सजाकर ग्राहकों को परोसा जा रहा था। इस तरह फर्जी री-पैकेजिंग और नई तारीखों के नकली स्टिकर लगाकर लोगों की सेहत के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा था।
'छपते-छपते' ने खोला था बिलिंग का फर्जीवाड़ा
उल्लेखनीय है कि 'छपते-छपते' ने अपनी 14 मई की रिपोर्ट में इस बात को उजागर किया था कि कैसे एक जागरूक ग्राहक की सजगता से इस पूरे घोटाले की परतें खुली थीं। ग्राहकों से बिल पर बकायदा जीएसटी तो वसूला जा रहा था, लेकिन बिल में जीएसटीआईएन नंबर का कोई स्पष्ट या वैध उल्लेख नहीं था। जब ग्राहकों ने ऑनलाइन जाकर इसकी पड़ताल की, तो स्टोर की पूरी बिलिंग व्यवस्था फर्जी और अवैध पाई गई। शुरुआत में जब उपभोक्ताओं ने एक्सपायर्ड सामान को लौटाने और पैसे रिफंड करने की मांग की, तो स्टोर संचालक ने सीनाजोरी करते हुए साफ मुकर जाने की कोशिश की थी लेकिन खबर छपने के बाद जब मामला तूल पकड़ा, तो पुलिसिया हंटर चलते ही पूरा साम्राज्य ढह गया।
7 दिनों की रिमांड पर आरोपी, मैराथन पूछताछ जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए फूलबगान थाने की पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जैसे ही आरोपियों को भनक लगी, वे कोलकाता छोड़कर फरार हो गए। हालांकि, गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने झारखंड के पारसनाथ में छापेमारी कर दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह केवल एक स्टोर का मामला नहीं है, बल्कि एक्सपायरी डेट के सामान को री-लेबल करने और नकली जीएसटी बिलिंग का एक बहुत बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस हिरासत में लगातार पूछताछ की जा रही है, जिससे महानगर के कई अन्य ग्रोसरी स्टोर्स और इस सिंडिकेट से जुड़े सफेदपोशों के चेहरों से नकाब उतरने की पूरी उम्मीद है।