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धोखाधड़ी मामले में कानूनी संरक्षण की मांग, याचिका दायर करने की अनुमति
कोलकाता। वित्तीय धोखाधड़ी के एक मामले में नाम सामने आने के बाद राज्य के पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए कोलकाता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बुधवार को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने उन्हें इस संबंध में याचिका दायर करने की अनुमति प्रदान कर दी है, जिस पर इसी सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले की सबंग विधानसभा सीट से 7 बार विधायक रह चुके मानस भुइयां ने हाल ही में 13 जून को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा सौंपकर तृणमूल से नाता तोड़ लिया था।
पार्टी छोडऩे के तुरंत बाद उनके खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ। सबंग के विष्णुपुर ग्राम पंचायत निवासी एक युवक ने 10 जून को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि विधानसभा चुनाव से पहले उसकी पत्नी को तत्कालीन मंत्री मानस भुइयां की मध्यस्थता में सीआईएसबी सर्विसेज में नौकरी मिली थी। आरोप है कि नौकरी के बदले उसे शेख अबू कालान बक्स और भोलानाथ डे को 5 लाख रुपये देने पड़े थे। युवक की पत्नी को मार्च का वेतन मिला, लेकिन 2 महीने के भीतर ही उसे काम से हटा दिया गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूर्व सिंचाई मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दूसरी ओर, मानस भुइयां ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से की गई बदनामी की कोशिश करार दिया है। हाईकोर्ट के साथ-साथ उन्होंने मेदिनीपुर जिला अदालत में भी अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है, जिस पर 29 जून को सुनवाई होनी तय है। फिलहाल इस मामले ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।