यूएई टैंकरों पर ईरानी हमले में भारतीय नाविक की मौत, ईरानी राजनयिक तलब
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में वनों की कटाई और पर्यावरणीय क्षरण के लिए पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पिछले शासनकाल में जंगलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और "सब कुछ बर्बाद कर दिया गया, पेड़ों को भी नहीं छोड़ा।"
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में वनों की कटाई और पर्यावरणीय क्षरण के लिए पूर्ववर्ती सरकार पर तीखा हमला बोला। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि पिछले शासनकाल में जंगलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और "सब कुछ बर्बाद कर दिया गया, पेड़ों को भी नहीं छोड़ा।" उन्होंने राज्य में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का आह्वान किया।
मंगलवार सुबह साल्टलेक स्थित वनबितान में ‘अरण्य सप्ताह 2026’ का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने स्वयं पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य या चुनावी दौरे के दौरान हेलीकॉप्टर से राज्य के ऊपर से गुजरते समय जंगलों की वर्तमान स्थिति देखकर उन्हें पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया तथा तराई-डुआर्स क्षेत्र के घने जंगल पहले जैसे नहीं रहे और वन क्षेत्र में लगातार कमी आई है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार की उपेक्षा के कारण वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि अब बड़े पैमाने पर वन सृजन कर पर्यावरण, वन्यजीव और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी और व्यावसायिक संस्थानों ने भवन निर्माण की स्वीकृति लेते समय किए गए वृक्षारोपण के वादे पूरे नहीं किए। उनके अनुसार, संस्थानों को अपनी भूमि के एक-तिहाई हिस्से में हरित क्षेत्र विकसित करना था, लेकिन अधिकांश मामलों में इसका पालन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य में "कंक्रीट के जंगल" तेजी से बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल सरकार ने इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 26 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा जा सकता है, तो पश्चिम बंगाल भी 10 करोड़ पौधे लगाने का संकल्प पूरा कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने लोकसभा क्षेत्र में इस वर्ष 1.20 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर पहले 7.20 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि कम से कम दो से तीन वर्षों तक उनकी देखभाल और निगरानी भी सुनिश्चित करनी होगी, तभी वृक्षारोपण अभियान सफल होगा।
हाल के दिनों में राज्य में बढ़ती आकाशीय बिजली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक नारियल के पेड़ लगाने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।