टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी मानसून सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित
विधायक ने कहा कि अब डर या राजनीतिक दबाव बनाकर अवैध कारोबार करने वाले दिन लद चुके हैं
कोलकाता। राजारहाट अंतर्गत रायगाछी इलाके में बिना किसी वैध लाइसेंस के कथित रूप से खुलेआम गोवध करने और मांस बेचने के गंभीर आरोप में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजारहाट थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। शनिवार को पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को आवश्यक कानूनी धाराओं के तहत बारासात महकमा अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ की जा रही है।
राजारहाट थाना सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को पिछले काफी समय से रायगाछी इलाके के कई ठिकानों पर अवैध रूप से पशु वध करने और बिना किसी सरकारी अनुमति व लाइसेंस के मांस बेचने की गोपनीय शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने चिन्हित ठिकानों पर अचानक छापेमारी की। इस औचक अभियान के दौरान पुलिस ने छह संदिग्धों को रंगे हाथों दबोच लिया। आवश्यक दस्तावेज और वैध लाइसेंस न दिखा पाने के कारण उन्हें हिरासत में लेकर थाने लाया गया, जहां गहन पूछताछ के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
इस प्रशासनिक कार्रवाई के तुरंत बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजारहाट-न्यू टाउन से भाजपा के विधायक पीयूष कनोडिय़ा ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सरकार गठन के पहले दिन से ही राज्य में निष्पक्ष कानून का शासन स्थापित करने का दृढ़ संकल्प लिया है। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि राज्य में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। विधायक ने कहा कि अब डर या राजनीतिक दबाव बनाकर अवैध कारोबार करने वाले दिन लद चुके हैं।
भाजपा विधायक ने आगे कहा कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने हर प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद लचर थी, लेकिन वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के कानून का समान रूप से पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उधर, राजारहाट थाना पुलिस का कहना है कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और इस रैकेट के पीछे जुड़े अन्य संभावित चेहरों और सप्लायर्स का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है।