पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के श्रीनिवासन हत्या मामले में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ा हुआ है।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल के श्रीनिवासन हत्या मामले में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़ा हुआ है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुहम्मदअली केपी के रूप में हुई है। वह पीएफआई के पलक्कड़ जिला अध्यक्ष था। एनआईए ने उसे गुरुवार यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया। वह उस समय सऊदी अरब के रियाद से भारत लौटा था। वह पिछले चार वर्षों से वहीं छिपा हुआ था। इस गिरफ्तारी के साथ इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 67 हो गई है।
एनआईए ने गुरुवार को बताया कि बताया कि मुहम्मदअली केपी पर भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। वह हत्या की साजिश का प्रमुख हिस्सा था और उसने 16 अप्रैल 2022 को श्रीनिवासन की हत्या में शामिल हमलावरों को शरण भी दी थी। एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी किया गया था।
श्रीनिवासन की हत्या पीएफआई कैडरों ने की थी। एनआईए की जांच में सामने आया कि पीएफआई भारत में 2047 तक इस्लामी शासन स्थापित करने की साजिश के तहत आतंक फैलाने की कोशिश कर रहा था। संगठन ने इसके लिए विभिन्न विंग और यूनिट बनाए थे। पीई विंग के जरिए शारीरिक शिक्षा और योग प्रशिक्षण के नाम पर हथियारों की ट्रेनिंग दी जाती थी। रिपोर्टर्स विंग संभावित लक्ष्यों की जानकारी जुटाने का काम करता था, जबकि सर्विस टीम आतंकवादी हमलों को अंजाम देती थी।
एनआईए ने सितंबर 2022 में यह मामला दर्ज किया था। जांच में यह भी सामने आया कि पीएफआई अपने कार्यालयों, कैंपस और सुविधाओं का इस्तेमाल हिंसक उग्रवाद और जिहाद फैलाने के लिए कर रहा था। मामले की जांच अभी जारी है।