जिले के पलितपुर स्थित एक इस्पात कारखाने में शनिवार रात लोहे को गलाने वाली भट्ठी (फर्नेस) में विस्फोट होने से दो श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना पाकर बर्दवान थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पूर्व बर्दवान। जिले के पलितपुर स्थित एक इस्पात कारखाने में शनिवार रात लोहे को गलाने वाली भट्ठी (फर्नेस) में विस्फोट होने से दो श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना पाकर बर्दवान थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार, दुर्घटना के बाद कारखाने के अन्य श्रमिकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा रोष जताया। उनका आरोप है कि लंबे समय से भट्ठी में यांत्रिक खराबी, रखरखाव की कमी और सुरक्षा संबंधी समस्याओं की जानकारी प्रबंधन को दी जा रही थी, लेकिन इस पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
श्रमिकों का कहना है कि उन्हें केवल हेलमेट और सेफ्टी जूते दिए गए हैं, जबकि भट्ठी की तकनीकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी उपाय नहीं किए गए।
कारखाने के श्रमिक रामदेव पासवान ने आरोप लगाया कि भट्ठी की नियमित जांच नहीं होती और कई बार रखरखाव टीम की पूरी जांच के बिना ही उसे चालू कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भट्ठी में मौजूद तकनीकी खामियों की जानकारी कई बार देने के बावजूद प्रबंधन ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका कहना है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए श्रमिकों की जान जोखिम में डाली जा रही है और सभी तकनीकी खामियां दूर किए बिना भट्ठी चालू नहीं की जानी चाहिए।
श्रमिकों ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी इसी तरह की कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और अतीत में भट्ठी से जुड़े हादसों में कई श्रमिकों की जान जा चुकी है। उन्होंने मांग की कि कारखाने में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाए तथा हर बार भट्ठी चालू करने से पहले अनिवार्य तकनीकी परीक्षण किया जाए।
घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा नेता एवं बर्दवान उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी संजय दास भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में इसी कारखाने में भट्ठी विस्फोट की यह तीसरी घटना है। उनके अनुसार इंजीनियरों, तकनीशियनों और कारखाना प्रबंधन की लापरवाही के कारण बार-बार ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि श्रमिकों को नियमित और उचित वेतन भी नहीं मिलता। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
संजय दास ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस घटना पर कारखाना प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।