षड्यंत्र के पीछे के मास्टरमाइंड की तलाश तेज
कोलकाता। धर्मतल्ला में नीट परीक्षा की अनियमितताओं के विरोध में निकाले गए प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इस पूरी घटना के पीछे एक गहरे और सोची-समझी साजिश के संकेत सामने आ रहे हैं। इस जांच के केंद्र में मुख्य रूप से दो बड़े सवाल हैं पहला, उपद्रव के लिए शुक्रवार का ही दिन क्यों चुना गया? और दूसरा, प्रदर्शन के लिए वही रूट और समय क्यों तय किया गया, जहां से रथयात्रा गुजरने वाली थी? प्रशासनिक सूत्रों का साफ कहना है कि मार्ग और समय का इस तरह मेल खाना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि महानगर की शांति व्यवस्था को बिगाडऩे की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पूरी घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का छात्रों या नीट आंदोलन से कोई संबंध नहीं है। वे केवल अशांति फैलाने के मकसद से भीड़ में शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री के इस सख्त संदेश के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। शासन और पुलिस के उच्च स्तर से यह साफ कर दिया गया है कि इस साजिश में शामिल एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि तनाव फैलाने और अचानक भीड़ जुटाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था। पुलिस की साइबर सेल इस पहलू की गहन तकनीकी जांच कर रही है कि सोशल मीडिया पर भीड़ इक_ा करने की यह मुहिम किसके द्वारा चलाई गई थी। किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट्स और ग्रुप्स के जरिए लोगों को एक विशेष समय पर और एक तय मार्ग पर जुटने के संदेश प्रसारित किए गए थे, इसका पूरा डिजिटल डेटा खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब वीडियो फुटेज, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर बाकी उपद्रवियों और पर्दे के पीछे छिपे मास्टरमाइंड्स की पहचान करने में लगी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस साजिश से जुड़े कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।