वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
मोहम्मद शमी ने अक्षर पटेल का साथ निभाया। दोनों के बीच 9वें विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी हुई। इसमें शमी ने 37 रनों का योगदान दिया। 84 रन बनाकर अक्षर पटेल आखिरी विकेट के लिए रूप में पैट कमिंस का शिकार बने।
भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट की पहली पारी में बड़ी बढ़त बना ली है। मैच के तीसरे दिन भारत की पहली पारी 400 रनों पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 177 रन ही बनाए थे। इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 223 रनों की बड़ी बढ़त मिल गई है। ऑस्ट्रेलिया को पारी की हार से बचना है तो कम से कम इतने रह बनाने ही होंगे। भारत के लिए कप्तान रोहित शर्मा ने सबसे बड़ी 120 रनों की पारी खेली।
भारत ने 240 रनों पर 7 विकेट खो दिये थे। इसके बाद लग रहा था कि भारत की बढ़त 100 रनों की आसपास ही रुक जाएगी। लेकिन आखिरी के तीन विकेट ने कमाल कर दिया। 7वें विकेट के लिए रविंद्र जडेजा और अक्षर पटेल ने 88 रनों की साझेदारी बनाई। तीसरे दिन की शुरुआत में जडेजा 70 रन बनाकर मर्फी की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद मोहम्मद शमी ने अक्षर पटेल का साथ निभाया। दोनों के बीच 9वें विकेट के लिए 52 रनों की साझेदारी हुई। इसमें शमी ने 37 रनों का योगदान दिया। इस पारी में उन्होंने 2 चौके और 3 छक्के मारे।
आखिरी विकेट के लिए अक्षर और सिराज ने 20 रन जोड़े और टीम को 400 रनों तक पहुंचा दिया। 84 रन बनाकर अक्षर पटेल आखिरी विकेट के लिए रूप में पैट कमिंस का शिकार बने। 174 गेंदों की इस पारी में अक्षर ने 10 चौके और एक छक्का मारा।
ऑस्ट्रेलिया के लिए डेब्यू मैच खेल रहे टॉड मर्फी ने 7 बल्लेबाजों को आउट किया। 47 ओवर में के स्पेल में उन्होंने 124 रन खर्च किये। यह डेब्यू टेस्ट पारी में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज का तीसरा बेस्ट प्रदर्शन है। बॉब मैसी ने 1972 में 84 रन देकर 8 विकेट लिये थे। वहीं 2008/09 में इसी मैदान पर जेसन क्रेजा ने भारत के खिलाफ 215 रन देकर 8 बल्लेबाजों को आउट किया था।