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एसडीएम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद एसडीएम का कहना था कि यहां पर सड़क काफी क्षतिग्रस्त हुई है। लगातार धंसती हुई सड़क की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्रामीणों की टेंशन एक बार फिर बढ़ गई है। जोशीमठ में घरों और भवनों में दरारों के बाद अब जल स्रोत फूटने लगे हैं। बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर रविवार सुबह भुस वडियार के निकट अचानक पानी के स्रोत फूटने से लोगों में एक बार डर बढ़ गया है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी 3 जनवरी को जेपी बिजली कंपनी के परिसर में भी एक पानी का बड़ा जल स्रोत फूटा था, जो काफी समय बाद ठीक हुआ था। लगातार हो रही पानी रिसाव से ग्रामीण दहशत में थे। जोशीमठ नगर से गुजरने वाले बद्रीनाथ नरसिंह मंदिर नेशनल हाईवे में सुबह अचानक भारी पानी निकलने के कारण लोगों में तीन घंटे से अधिक अफरा-तफरी रही।
एसडीएम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के बाद एसडीएम का कहना था कि यहां पर सड़क काफी क्षतिग्रस्त हुई है। लगातार धंसती हुई सड़क की वजह से बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बताया कि सुरक्षा को देखते हुए बड़े वाहनों की आवाजाही मुख्य बाजार से की जाएगी , जबकि हल्के वाहन यहां पर पुलिस की निगरानी में चलते रहेंगे।
उप जिलाधिकारी जोशीमठ कुमकुम जोशी ने बताया कि दोपहर लगभग 12:30 बजे जल संस्थान के कुछ पानी के टैंकों को बंद करवाया गया, जिसके बाद पानी का रिसाव रुक गया है। कहा कि संभवत जल संस्थान का कोई टैंक या पानी की लाइन लीक होने के कारण यह पानी का जल स्रोत फूटा था।