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नसीरुद्दीन शाह ने हालिया इंटरव्यू में कहा- "तमिल, कन्नड़, मलियालम और तेलुगू फिल्में भी अपनी इमेजिनेशन पर काम करती हैं। भले ही उसमें लॉजिक का आभाव होता हो लेकिन फिर भी वे कम से कम ऑरिजनल तो होती हैं। उनका एग्जिक्यूशन बढ़िया होता है।"
बॉलीवुड एक्टर नसीरुद्दीन शाह ने अपने अभिनय का लोहा दुनियाभर में मनवाया है। उनकी एक्टिंग को फैंस काफी पसंद करते हैं और उनकी तारीफ करते नहीं थकते हैं। एक्टर का वास्तविक जुड़ाव तो थियेटर के साथ रहा है लेकिन उन्हें सही मायने में कामियाबी तो बॉलीवुड से ही मिली। लेकिन एक्टर ने हमेशा बॉलीवुड फिल्मों की आलोचना की है।
वे बड़ी बेबाकी के साथ कहते हैं कि कॉमर्शियल फिल्में करने की वजह से वे अपने करियर में ज्यादा दमदार रोल्स नहीं कर पाए और इस बात से वे हमेशा मायूस रहते हैं। मौजूदा समय में वे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज ‘ताज डिवाइडेड बाए ब्लड’ में अकबर का रोल प्ले करते नजर आएंगे। अब एक बार फिर से एक्टर ने बॉलीवुड पर निशाना साधा है और साउथ सिनेमा की तारीफ की है।
नसीरुद्दीन शाह ने हालिया इंटरव्यू में कहा- "तमिल, कन्नड़, मलियालम और तेलुगू फिल्में भी अपनी इमेजिनेशन पर काम करती हैं। भले ही उसमें लॉजिक का आभाव होता हो लेकिन फिर भी वे कम से कम ऑरिजनल तो होती हैं। उनका एग्जिक्यूशन बढ़िया होता है। मैंने काफी समय से ऐसा देखा है। यहां तक कि उनके सॉन्ग्स का पिच्चराइजेशन्स भी। चाहें आप जीतेंद्र और श्रीदेवी की फिल्में ही देख लीजिए। भले ही एक समय में 100 से ज्यादा महिलाएं मटका लिए खड़ी हों। लेकिन कम से कम ये ऑरिजनल आइडिया तो था।"