पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री
'माननीयों की नई चीजें सीखने में रुचि ही खत्म हो गई'
कोलकाता। बंगाल विधानसभा में पर्यटन विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान विधायकों की कम उपस्थिति और उनके उदासीन रवैये पर स्पीकर रथींद्र बोस ने खुलकर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। सदन में खाली पड़ी कुर्सियों को देखकर उन्होंने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि विधानसभा के कई सदस्य केवल अपना भाषण देने आते हैं तथा बोलते ही तुरंत बाहर चले जाते हैं। दूसरों के विचार और महत्वपूर्ण बातों को सुनने में अब किसी की कोई दिलचस्पी नहीं दिखती है।
स्पीकर रथींद्र बोस ने विधायकों की इस प्रवृत्ति पर तंज कसते हुए कहा कि हर विधायक चाहता है कि जब वह सदन में बोले, तो बाकी सभी सदस्य उसे ध्यान से सुनें। लेकिन विडंबना यह है कि खुद अपनी बात रखने के बाद वही सदस्य किसी अन्य विधायक का भाषण सुनने के लिए सदन में रुकना भी मुनासिब नहीं समझते। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सदन में ऐसे कई अनुभवी सदस्य हैं जिनकी चर्चाओं और अनुभवों से बहुत कुछ सीखा जा सकता है, लेकिन ऐसा लगता है कि जनप्रतिनिधियों में नई चीजें सीखने की रुचि ही पूरी तरह से खत्म होती जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या हम सचमुच अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को ठीक से निभा पा रहे हैं?
रथींद्र बोस ने इस बात पर भी कड़ा ऐतराज जताया कि पर्यटन विभाग के बजट पर लंबा-चौड़ा भाषण देने वाले प्रमुख वक्ता भी संबंधित मंत्री का जवाब सुनने के समय सदन से नदारद थे। उन्होंने स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा कि जनप्रतिनिधियों का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया बिल्कुल भी उचित नहीं है। स्पीकर ने सभी विधायकों से अपील की कि वे विधानसभा की गरिमा और मर्यादा को बनाए रखने के लिए पूरी कार्यवाही के दौरान सक्रिय रूप से उपस्थित रहें तथा केवल अपना भाषण देकर सदन छोडऩे की इस गलत परंपरा से परहेज करें।