पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री
इसके बाद उनके परिवार के सदस्यों को भी जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और विधायक मदन मित्रा के बड़े बेटे स्वरूप मित्रा गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुए। वह सुबह करीब 11 बजे बैंक लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों के साथ सॉल्टलेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय पहुंचे।
शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में ईडी ने हाल ही में मदन मित्रा की पत्नी अर्चना मित्रा और दोनों बेटों, शुभरूप तथा स्वरूप मित्रा को अलग-अलग दिनों में पूछताछ के लिए तलब किया था। बुधवार को छोटे बेटे शुभरूप से करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई थी, जबकि शुक्रवार को अर्चना मित्रा को पेश होने के लिए कहा गया है।
ईडी कार्यालय में प्रवेश से पहले मीडिया से बातचीत में स्वरूप मित्रा ने कहा कि जांच एजेंसी ने उनसे उनके बैंक खातों का विवरण मांगा था और वह वही दस्तावेज लेकर आए हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके बैंक खाते में कोई संदिग्ध या अवैध लेनदेन नहीं हुआ है।
स्वरूप ने कहा, "मैं 2013-14 से अब तक के सभी बैंक रिकॉर्ड और आयकर रिटर्न के दस्तावेज लेकर आया हूं। जांच में पूरा सहयोग करूंगा।" हालांकि उन्होंने किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
गौरतलब है कि हाल ही में मदन मित्रा ने कालीघाट खेमे से अलग होकर ऋतब्रत बनर्जी के गुट का साथ दिया है और अभिषेक बनर्जी की भी खुलकर आलोचना की है। इस राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर पूछे गए सवालों पर भी स्वरूप ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
ईडी का आरोप है कि टीटागढ़ नगरपालिका में कम से कम 125 लोगों को नकद राशि या सोना लेकर नौकरी दिलाई गई थी। इसी मामले की जांच के दौरान मदन मित्रा का नाम सामने आया। 13 जून को ईडी ने उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की थी और उनसे पूछताछ भी की थी। इसके बाद उनके परिवार के सदस्यों को भी जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया गया।