वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया सुरक्षित रूप से संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है। यह आदेश गुरुवार यानी 15 जून तक प्रभावी रहेगा
कोलकाता। पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनावी हिंसा का दौर भी शुरू हो गया है। पहले ही दिन कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई, जिसके बाद कई जगहों पर हिंसक झड़प हुई। बढ़ती हिंसा को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग ने नामांकन केंद्रों के पास धारा 144 लागू करने के निर्देश दिए है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पंचायत चुनाव के सभी नामांकन केंद्रों के एक किलोमीटर के दायरे में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का निर्देश दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया सुरक्षित रूप से संपन्न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है। यह आदेश गुरुवार यानी 15 जून तक प्रभावी रहेगा।
अधिकारी ने बताया कि हमने नामांकन केंद्रों के एक किलोमीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने का फैसला किया है। पंचायत चुनाव आठ जुलाई को होंगे। उन्होंने कहा कि यह आदेश एसईसी ने 11 जून को जारी किया है। एसईसी ने कहा कि केवल दो व्यक्ति नामांकन केंद्र के अंदर कागजात दाखिल करने जा सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि राज्य भर में पहले दो दिनों में त्रिस्तरीय चुनावों के लिए अब तक 10,000 से अधिक नामांकन पत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश विपक्षी दलों द्वारा दाखिल किए गए हैं।
पंचायत चुनाव के नामांकन के पहले दिन 9 जून को मुर्शिदाबाद के खरग्राम में बदमाशों ने कांग्रेस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक का नाम फूलचांद शेख है। कांग्रेस ने तृणमूल पर हमले का आरोप लगाया है, जबकि सत्ताधारी दल ने इस घटना में शामिल होने से साफ इनकार किया है।