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रेल ब्रिज हादसे में एक ही परिवार ने खोया 4 सदस्य, 24 घरों में पसरा मातम
मालदह। मिजोरम में निर्माणाधीन रेलवे पुल हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी आज मालदा जाएंगे। मिजोरम में बुधवार को एक निर्माणाधीन पुल ढह गया था। इसमें कई मजदूरों की मौत हो गई थी। मृतकों में ज्यादातर मालदा के रहने वाले हैं। मिजोरम पुल हादसे में मालदा के 24 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरा जिला आज अवाक है। मालदा के इंग्लिशबाजार ब्लॉक, गाजोल, कालियाचक जैसे गांवों के लोग काम की तलाश में मिजोरम जाते हैं। वे 24 लोग भी अन्य मजदूरों की तरह काम करने गए थे। इन मजदूरों को वहां से दो पैसे लेकर घर लौटना था लेकिन वे ताबूत में घर लौट रहे हैं। आज पूरा मालदा ठप है। मृतकों में रतुआ, अंग्रेजबाजार, गाजोल, कालियाचक के कई निवासी शामिल हैं। इस हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उनका पड़ोस खाली हो गया है। अंग्रेजबाजार के बिनोदपुर में पिता, पुत्र और पोते समेत चार लोगों की मौत हो गई है। ऐसे एक नहीं बल्कि कई परिवार हैं। उस परिवार में कोई पुरुष सदस्य जीवित नहीं है। रतुआ में भी ऐसे कई परिवार हैं, जहां एक ही घर के 2-3 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, एक ग्रामीण ने कहा जब एक घर से कोई जाता है तो उस घर के बाकी लोगों या आस-पड़ोस के लोगों को भी काम पर ले जाया जाता है। लेकिन सब ख़त्म हो गया। उन परिवारों का क्या होगा! मालदा का सीना आंसुओं से भर गया है। मिजोरम हादसे का मुद्दा गुरुवार को विधानसभा में भी उठा। हबीबपुर के भाजपा विधायक ज्वेल मुर्मू ने कहा कि मालदा के 24 प्रवासी श्रमिकों की मिजोरम में मौत हो गई है। यह दुख की बात है। हमारे राज्य के प्रत्येक गांव से 200-300 लोग दूसरे राज्यों में काम करने जा रहे हैं। यह दुख की बात है। उन्होंने कहा कि हमें अपना परिवार चलाने के लिए परदेस जाना पड़ता है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग उठाई। प्रधानमंत्री मोदी और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता ने बुधवार को मृतकों के परिवारों के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया था। प्रधानमंत्री पहले ही मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान कर चुके हैं।