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उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब मैने निगम में अवैध पार्किंग का मुद्दा उठाया हो। इससे पहले भी मैंने कई बार बड़ाबाजार सहित पूरे कोलकाता में अवैध पार्किंग का मुद्दा उठाया था लेकिन इस पर अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है ।
कोलकाता। भाजपा पार्षद मीना पुरोहित ने बड़ाबाजार में अवैध पार्किंग का मुद्दा निगम के मासिक अधिवेशन में उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वयं कहा था कि अवैध पार्किंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके धड़ल्ले से बड़ा बाजार में अवैध पार्किंग हो रही है। जहां पांच गाडिय़ां खड़ी होनी चाहिए वहां 25 गाडिय़ों को लगाकर लोगों को परेशान करने की कोशिश हो रही है। मीना पुरोहित ने कहा कि बड़ाबाजार के 136/1 के 67/50 स्ट्रैंड बैंक रोड, जग्गनाथ घाट,बालू घाट में अवैध पार्किंग चक्र दिख रहा है जिसपे निगम का कोई कंट्रोल नही है। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर नहीं है जब मैने निगम में अवैध पार्किंग का मुद्दा उठाया हो। इससे पहले भी मैंने कई बार बड़ाबाजार सहित पूरे कोलकाता में अवैध पार्किंग का मुद्दा उठाया था लेकिन इस पर अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है ।हमेशा कही जाती है की कार्रवाई होगी लेकिन हम लोग इंतजार ही करते रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि अवैध पार्किंग की वजह से बड़ा बाजार में व्यवसाईयों को काफी कष्ट हो रहा है ।आने-जाने में लोगों काफी तकलीफ होती है। गाडिय़ों को जैसे ठूस ठूस कर खड़ा कर दिया जाता है। इस पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है उन्होंने कहा कि पिछले दिनों पोस्ता में जगद्धात्री पूजा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आकर स्वयं कहा था कि अवैध पार्किंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट भी इसके लिए जिम्मेदार है तो उसे चि_ी भेजकर इसके बारे में अवगत कराया जाए। लेकिन अभी तक इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। मीना पुरोहित ने कहा कि जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ही बात नहीं सुनी जा रही तो फिर आम पार्षद की बात को कौन सुनेगा। इस पर सदन के भीतर चेयरपर्सन माला राय ने कहा कि आप बहुत ही पुरानी पार्षद हैं। आप डिप्टी मेयर भी रह चुकी हैं। आपके सवाल गिनीज बुक में भी जाएंगे। निश्चित तौर पर निगम की तरफ से कार्रवाई का आश्वासन मिलेगा।
वहीं देवाशीष कुमार ने कहा कि जो पता आप दे रही है ये कोई पार्किंग अंचल नही है। हमलोगों ने डीसी ट्रैफिक को चि_ी भेजी है कार्रवाई के लिए। देवाशीष कुमार के जवाब में मीणा पुरोहित ने सवाल किया कि जब निगम कहता है कि वह पार्किंग आंचल है ही नहीं तो फिर किसकी अनुमति से वहां पर अवैध पार्किंग हो रही है । इस पर देवाशीष कुमार ने कहा की जरूरत पडऩे पर निगम की टीम वहां जाकर दौरा करेगी। हम लोगों ने पुलिस को जानकारी दे दी है। बहुत जल्द इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि पिछले दिनों में फिरहाद हकीम ने भी कहा था कि महानगर में कई जगह अवैध पार्किंग हो रही है जिस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी ।खास तौर पर डबल लेन पार्किंग से मैं खुद परेशान है। पिछले सप्ताह निगम की दो टीमों ने डबल लेन पार्किंग पर कड़ी कार्रवाई की एवं पार्किंग टेंडर को भी रद्द किए जाने तक की चेतावनी दी ।अब देखने वाली बात है कि बड़ाबाजार में पुलिस और निगम की कारवाई कब तक होती है।
पार्किंग में दुकान खोलने वालों पर कार्रवाई होगी: फिरहाद
बड़ाबाजार में रेजिडेंशियल मकानों का कमर्शियल रूप से कन्वर्ट का मामला निगम के मासिक अधिवेशन में पार्षद विजय ओझा ने उठाया। उन्होंने बताया कि कोलकाता नगर निगम कुंभकरण की नींद सो रहा है और बहुत ही आसानी तरीके से कुछ लोग रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को कमर्शियल बना ले रहे हैं। इस पर मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि अगर इस पर कोई भी जानकारी निगम को मिलेगी तो उसे पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी चेताया कि अगर कोई व्यक्ति अपने घर की पार्किंग में दुकान खोल रखा है और धोखे से ट्रेड लाइसेंस बनवा रखा है तो ट्रेड लाइसेंस के रद्द होने के साथ-साथ उसे पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने सभी पार्षदों से अनुरोध किया कि वह अगर ऐसे किसी भी व्यक्ति को जानते हैं तो इसकी खबर निगम अथवा मेयर को दें।
पार्षदों की सैलरी 20 हजार होनी चाहिए: संतोष पाठक की मांग
कांग्रेस पार्षद संतोष पाठक ने निगम के मासिक अधिवेशन में पार्षदों की सैलरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब विधायकों की सैलरी बढ़ा दी गई है तो पार्षदों की सैलरी क्यों नहीं बढ़ाई जा रही। निगम के पार्षद पिछले 4 सालों से 10 हजार ही तनख्वाह पा रहे हैं। उन्होंने मांग की की सभी पार्षदों की तनख्वाह 20 हजार कर दी जाए ।इस पर मेयर फिरहाद हकीम ने कहा कि निगम की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। ठीक होते ही पार्षदों की तनख्वाह बढ़ा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 3 सितंबर 2019 को पार्षदों की सैलरी 4 हजार से बढक़र 10 हजार कर दी गई थी तब से यही पैसे उन्हें मिल रहे हैं। बहुत जल्द उसे भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया जाएगा ।वही संतोष पाठक ने यह भी पूछा कि क्या पूर्व पार्षदों के लिए किसी प्रकार की कोई बीमा या चिकित्सा का कोई भी खर्च निगम वहन करेगी या नहीं।इसपर मेयर ने कहा कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है । सूचना आने पर जानकारी दी जाएगी।।
जिन्हें 100 दिन का पैसा नहीं मिलता उनकी मानसिक स्थिति सोचनीय विषय: मेयर
100 दिन के पैसे को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच तल्ख पहले से ही गर्म है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसी मामले पर 20 तारीख को मुलाकात करने वाली है ।वही मेयर फिरहाद हकीम ने निगम के मासिक अधिवेशन में भी 100 दिनों के पैसे नहीं दिए जाने पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। फिरहाद ने कहा कि केंद्र सरकार जब 100 दिन का पैसा उन श्रमिकों को नहीं दे रही है तो उनकी मानसिक स्थिति कैसी होगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है दरअसल कांग्रेस पार्षद संतोष पाठक ने निगम के अंतर्गत 100 दोनों का कार्य करने वाले श्रमिकों के 3 महीने से पैसे बकाया का मुद्दा अधिवेशन में उठाया था। इसका जवाब देते हुए मेयर ने कहा कि 72 फ़ीसदी राशि दे दी गई है और 28 फ़ीसदी राशि सोमवार तक भी दे दी जाएगी। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिन मजदूरों का 100 दिन का पैसा साल भर से बकाया है और केंद्र सरकार जानबूझकर नहीं दे रही उन मजदूरों की मानसिक स्थिति कैसी होगी यह भी सोचनीय विषय है।