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वहीं पार्क स्ट्रीट से गुजर रहे एक व्यक्ति ने बताया कि जब रामलला 500 सालों के बाद अयोध्या लौटे हैं तो हर कोई जश्न मनाना चाहता है और यही वजह है कि सड़कें सुनसान है
कोलकाता। द्वापर युग में प्रभु श्रीराम ने 14 वर्षों का वनवास काटा था। वनवास के 14 वर्षों के बाद जब प्रभु राम अयोध्या लौटे तो अयोध्यावासी झूम उठे थे। रामायण के इस कहानी को 80 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाता था। जिस वक्त रामायण टीवी पर आती थी तो सड़कें सुनसान हो जाती थी क्योंकि हर कोई प्रभु राम के जीवनी से रूबरू होना चाहते थे। लेकिन कलयुग के राम को 500 वर्षों के बाद अयोध्या लौटने का मौका मिला तो इस मौके को भी लोग नहीं छोडऩा चाहते थे।
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा को देखने के लिए हर किसी की निगाह टीवी स्क्रीन पर टिकी हुई थी। यही नहीं इस आयोजन को जनजन तक पहुंचाने के लिए कई जगहों पर ज्वाइंट स्क्रीन भी लगाये गये थे, कई दफ्तरों में छुट्टियां भी थी, जिसके कारण सड़कें विरान हो गयी थी। 12 बजते ही सड़कों से लोग नदारद होने लगे।
दूरदर्शन पर रविवार को रामायण का प्रसारण होता था, लेकिन बदलते इस दौर में प्राण प्रतिष्ठा को देखने के लिए सोमवार को सड़कें खाली थी। मल्लिक बाजार पर खड़े एक यात्री ने बताया कि रोजाना जहां चलने के लिए जगह नहीं होती है आज वहां सड़कें सुनसान है। वहीं पार्क स्ट्रीट से गुजर रहे एक व्यक्ति ने बताया कि जब रामलला 500 सालों के बाद अयोध्या लौटे हैं तो हर कोई जश्न मनाना चाहता है और यही वजह है कि सड़कें सुनसान है।