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बहरामपुर में राजनीति के दिग्गज के साथ क्रिकेटर का मुकाबला

अधीर के गढ़ में क्या सेंध लगा पाएगी तृणमूल-भाजपा, होगी त्रिकोणीय टक्कर

19 Mar 2024

बहरामपुर में राजनीति के दिग्गज के साथ क्रिकेटर का मुकाबला

कोलकाता। बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में स्थित बहरामपुर संसदीय क्षेत्र अल्पसंख्यक बहुल इलाका जाना जाता है। राष्ट्रीय गीत बंदे मातरम के रचियता बंकिम चंद्र ने अपना महाकाव्य उपन्यास आनंदमठ की रचना बहरामपुर में भागीरथी नदी के किनारे बैठकर लिखा था। आनंदमठ उपन्यास ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वतंत्रता संग्रामियों को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के लिए प्रेरित किया था। बहरामपुर के इलाके में बड़ी संख्या में बीड़ी श्रमिक है और यह इलाका बीड़ी उद्योग के लिए मशहूर है। यहां कई ऐतिहासिक इमारतें भी हैं। बहरामपुर संसदीय क्षेत्र लंबे समय तक वामपंथी पार्टी रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी का गढ़ माना जा रहा था, लेकिन बाद में कांग्रेस ने इस सीट पर अपनी पकड़ बना ली है। अल्पसंख्यक बहुल इस संसदीय सीट पर से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लगातार पांच बार सांसद चुने गए हैं। वह साल 1999 से लगातार सांसद हैं। इस सीट से अभी तक न तो टीएमसी और न ही बीजेपी के उम्मीदवार ही जीत दर्ज पाई है, लेकिन विधानसभा चुनाव 2021 के दौरान सात विधानसभा सीटों में से छह पर तृणमूल कांग्रेस और एक पर बीजेपी के उम्मीदवार विजयी रहे हैं। इससे कांग्रेस को झटका लगा है। 
साल 2024 के चुनाव में टीएमसी ने उनके खिलाफ प्रसिद्ध क्रिकेटर युसूफ पठान को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव में अधीर चौधरी और युसूफ पठान के बीच कांटे की टक्कर होने के आसार हैं। बहरामपुर संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें से किसी पर भी कांग्रेस का कब्जा नहीं है। बुरवान (एससी), मुर्शिदाबाद विधानसभा सीट से टीएमसी के जीबन कृष्णा साहा, कांदी विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के अपूर्व सरकार, भरतपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के हुमायूं कबीर, रेजीनगर विधानसभा सीट से टीएमसी के रबीउल आलम चौधरी, बेलडांगा विधानसभा सीट से टीएमसी के शेख हसनुज्जमां, बहरामपुर विधानसभा सीट से बीजेपी के सुब्रत मैत्र और नवादा विधानसभा सीट से टीएमसी की साहिना ममताज बेगम विधायक हैं। साल 2011 की जनगणना के अनुमान के अनुसार, कुल 2188287 जनसंख्या में से 82.05' ग्रामीण और 17.95' शहरी आबादी है। कुल जनसंख्या में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) का अनुपात क्रमश: 13.11 और 0.85 है। 2021 की मतदाता सूची के अनुसार, इस निर्वाचन क्षेत्र में 14,53,783 मतदाता और 2392 मतदान केंद्र हैं। 
मोदी लहर में भी विजयी हुए थे अधीर : साल 2019 के लोकसभा चुनाव में अधीर रंजन चौधरी (भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस) को 5,91,106 मत मिले थे, जबकि टीएमसी के उम्मीदवार अपूर्ब सरकार (डेविड) को 5,10,410 मत मिले थे। बीजेपी की उम्मीदवार कृष्णा जॉयदार को 1,43,038 4 और नोटा में 14,086 मत पड़े थे। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने एआईटीसी के अपूर्बा सरकार (डेविड) को हराकर बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र में 80,696 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा सांसद हैं। साल 2019 के संसदीय चुनाव में मतदाता मतदान 79.41' था, जबकि 2014 के संसदीय चुनाव में यह 79.43' था। साल 2019 के संसदीय चुनाव में टीएमएस, भाजपा और कांग्रेस को क्रमश: 39.26', 11' और 45.47' वोट मिले, जबकि 2014 के संसदीय चुनाव में टीएमसी, भाजपा और कांग्रेस को क्रमश: 19.66', 7.07' और 50.54' वोट मिले थे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर 79.41' वोटिंग हुई थी। कुल 12 उम्मीदवारों ने प्रतिद्वंद्विता की थी। 
चुनावी इतिहास: इसके पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में भी इस सीट से अधीर रंजन चौधरी ने ही जीत हासिल की थी। उन्होंने टीएमसी के इंद्रनील सेन साढ़े तीन लाख से ज्यादा मतों से हराया था। इंद्रनील सेन को 2,26,982 मत मिले थे, जबकि रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के प्रमोथ्स मुखर्जी तीसरे स्थान पर रहे थे। बता दें कि साल 1952 से बहरामपुर लोकसभा सीट पर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी का दबदबा था। 
रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के त्रिदिब चौधरी ने लगातार सात बार यहां से जीत हासिल कर साल 1952 से लेकर 1984 तक सांसद रहे थे। साल 1984 में पहली बार अतिश चंद्र सिन्हा में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर जीते, लेकिन 1991 के चुनाव में फिर रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के पास यह सीट चली गई। साल 1998 से लेकर 1993 तक रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी की नानी भट्टाचार्य निर्वाचित होती रहीं। उनके बाद रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी प्रमोथ्स मुखर्जी साल1994 से लेकर 1999 तक सांसद रहे। लेकिन 1999 में कांग्रेस अधीर रंजन चौधरी इस सीट पर जीत हासिल की और पिछले पांच चुनावों में वह इस सीट से जीत हासिल कर रहे हैं। 
2024 के उम्मीदवार
कांग्रेस : अधीर रंजन चौधरी
भाजपा : डा। निर्मल कुमार शाह
तृणमूल : युशूफ पठान

2019 का रिजल्ट
कांग्रेस : 5,91,147
तृणमूल : 5,10,410 
भाजपा : 1,43,038

2021 का रिजल्ट
बहरमपुर : भाजपा
मुर्शिदाबाद : तृणमूल
कांदी : तृणमूल
भरतपुर : तृणमूल
रेजीनगर : तृणमूल
बेलडांगा : तृणमूल
नओदा : तृणमूल 

मतदाता : 14,53,783
पुरूष मतदाता : 7,52,943
महिला मतदाता : 7,00,840
मतदान केंद्र : 2392 

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