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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने महिला प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया
कोलकाता। राज्य के शिक्षा क्षेत्र से संबंधित मांगों को लेकर वामपंथी छात्र संगठन एसएफआई के विकास भवन अभियान के दौरान सोमवार दोपहर जम कर हंगामा हुआ। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में जम कर तकरार हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज के आरोप लगाये। इलाके में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
सूत्रों के अनुसार, राज्य के शिक्षा क्षेत्र की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार दोपहर एसएफआई कार्यकर्ताओं ने साल्ट लेक सिटी के करुणामयी से विकास भवन तक मार्च किया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों को वापस कक्षा में लाने के लिए विशेष वित्तीय आवंटन किया जाना चाहिए। स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और मदरसों का बुनियादी ढांचा विकसित किया जाना चाहिए। शिक्षक-छात्र अनुपात में संतुलन बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्ति प्रक्रिया अपनायी जाए। हर शिक्षा परिसर में मुफ्त इंटरनेट आवंटन किया जाना चाहिए। आज का कार्यक्रम शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार को रोकने सहित कई मांगों पर आधारित थी। आरोप है कि पुलिस ने जुलूस को विकास भवन से पहले ही रोक दिया। जिसकी वजह से तनाव की स्थिति बन गयी। पुलिस ने सड़क को पहले से ही बैरिकेड लगाकर अवरुद्ध कर दिया था।
प्रदर्शनकारी बैरिकेड को तोड़कर आगे बढऩे लगे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद कई प्रदर्शनकारी सड़क पर लेट गए। हालात बिगड़ते देख प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
इस अभियान को रोकने के लिए पहले से ही इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुरुष पुलिस अधिकारियों ने महिला प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया। हालांकि पुलिस की तरफ से आरोपों का खंडन किया गया है।