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न्होंने कहा कि बंगाल हमेशा बाहरी राज्यों के लोगों को अपनाता आया है
कोलकाता। बंगाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। हाल ही में आयोजित 11वीं-12वीं की एसएससी परीक्षा में 13,517 और 9वीं-10वीं की परीक्षा में 31,362 बाहरी राज्यों के परीक्षार्थी शामिल हुए। इस आंकड़े के आधार पर शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने भाजपा की 'डबल इंजन सरकार' पर निशाना साधा। ब्रत्य बसु ने कहा कि इन बाहरी राज्यों के परीक्षार्थियों में बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश और बिहार से आती है। इससे समझा जा सकता है कि डबल इंजन सरकार की असली सफलता और असफलता का लेखा-जोखा क्या है।
उन्होंने कहा कि बंगाल हमेशा बाहरी राज्यों के लोगों को अपनाता आया है। अगर वे अधम हैं, तो हम उत्तम क्यों न बनें? इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि हमारे राज्य के छात्र भी बाहर परीक्षा देने जाते हैं। कभी बंगाल रोजग़ार और नए-नए अवसर देता था। अंग्रेजों के जाने के बाद हमारे व्यापार में योगदान 27' था, लेकिन आज बंगाल का एफडीआर सिर्फ 0.6' है। जबकि गुजरात का एफडीआर 39.6' है। यही असली तस्वीर है।
इस मुद्दे पर पहले भी तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा था कि बंगाल में बाहरी राज्यों से हज़ारों परीक्षार्थी आते हैं, लेकिन कभी किसी ने उनका अपमान नहीं किया। यही बंगाल की पहचान है। गौरतलब है कि राज्य में शिक्षक भर्ती को लेकर भ्रष्टाचार के आरोपों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल में बंगाल आकर इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया था।