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राज्य सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे
कोलकाता। सॉल्टलेक स्थित युवाभारती क्रीड़ांगन में हाल ही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई गंभीर अव्यवस्था और प्रशासनिक चूक को लेकर राज्य सरकार ने सख्त और व्यापक कदम उठाए हैं। जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद नवान्न से जारी निर्देश पत्र में साफ कर दिया गया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी।
जांच समिति ने राज्य पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। उनसे पूछा गया है कि कार्यक्रम के दिन सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और निजी आयोजकों के साथ समन्वय में इतनी बड़ी चूक क्यों हुई। इसके साथ ही विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के सीपी मुकेश कुमार को भी शो-कॉज नोटिस देकर आयोजन के प्रबंधन में पुलिस की भूमिका पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है।इसी कड़ी में युवा मामले एवं खेल विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिन्हा को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि विभागीय स्तर पर निगरानी और समन्वय के अभाव में युवाभारती क्रीड़ांगन जैसे प्रमुख स्टेडियम में अव्यवस्था कैसे हुई। मामले में सबसे कठोर कार्रवाई सॉल्टलेक के डीसीपी अनीश सरकार (आईपीएस) के खिलाफ की गई है। कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने तक उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, कार्यक्रम के संचालन में भूमिका को लेकर युवाभारती क्रीड़ांगन के सीईओ देब कुमार नंदन को भी तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, गहन और समयबद्ध जांच के लिए राज्य सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया है। इस एसआईटी में जावेद शमीम, पीयूष पांडे, सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शर्मा शामिल हैं। टीम को निर्देश दिया गया है कि वह कार्यक्रम की योजना, टिकट व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम, प्रशासनिक समन्वय और आयोजकों की भूमिका सहित हर पहलू की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपे।
राज्य सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और भी कड़े प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई को बड़े आयोजनों में प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।