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एसआईआर के तहत निजी स्कूल और कॉलेजाें के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे : निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि निजी स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को सुनवाई के दौरान पहचान या आयु प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

22 Dec 2025

एसआईआर के तहत निजी स्कूल और कॉलेजाें के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे : निर्वाचन आयोग

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियों की सुनवाई को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि निजी स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को सुनवाई के दौरान पहचान या आयु प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केवल पंजीकृत शिक्षा बोर्ड, शिक्षा परिषद या विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्र ही पहचान और आयु प्रमाण के रूप में मान्य होंगे। यह व्यवस्था इसी सप्ताह से शुरू हो रही सुनवाई प्रक्रिया में लागू रहेगी।

चुनाव आयोग ने जिन 12 दस्तावेजों को जरूरी माना है, उनमें शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी शामिल है। यह दस्तावेज खासतौर पर उन मतदाताओं के लिए जरूरी है, जिन्हें गैर मानचित्रित मतदाता की श्रेणी में रखा गया है। गैर मानचित्रित मतदाता वे हैं, जो 2002 की मतदाता सूची से अपना संबंध साबित नहीं कर पाए हैं। 2002 में ही राज्य में पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था।

जो मतदाता खुद का नाम 2002 की सूची में दिखा पाते हैं, उन्हें स्व मानचित्रण की श्रेणी में रखा गया है। वहीं जिन मतदाताओं के माता-पिता के नाम 2002 की सूची में दर्ज हैं, उन्हें संतति मानचित्रण के अंतर्गत माना गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि निर्वाचन आयोग को यह जानकारी मिली है कि सुनवाई के दौरान कुछ लोग व्यक्तिगत स्कूलों और कॉलेजों के प्रमाणपत्रों को बोर्ड या विश्वविद्यालय के प्रमाणपत्र बताकर पेश करने की कोशिश कर सकते हैं। आयोग का मानना है कि पंजीकृत बोर्ड, परिषद या विश्वविद्यालय से जारी प्रमाणपत्रों में हेरफेर की संभावना बेहद कम होती है, जबकि व्यक्तिगत संस्थानों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की आशंका अधिक रहती है। इसी कारण ऐसे प्रमाणपत्रों को अमान्य किया गया है।

राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी। मसौदा मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की गई। यह तीन चरणों वाली प्रक्रिया 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरी होगी। इसके बाद निर्वाचन आयोग राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।

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