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ब्रिगेड में शहीद परिवारों के बीच शपथ लेंगे शुभेंदु, जुटेंगे 9 राज्यों के मुख्यमंत्री
कोलकाता। बंगाल में शनिवार को होने वाला भारतीय जनता पार्टी का शपथ ग्रहण समारोह केवल सत्ता हस्तांतरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक और भावनात्मक शक्ति प्रदर्शन बनने जा रहा है। ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक समारोह में भाजपा उन 321 कार्यकर्ताओं के परिवारों को विशेष तौर पर आमंत्रित कर रही है, जिनकी जान पार्टी के मुताबिक तृणमूल शासनकाल के दौरान हुई राजनीतिक हिंसा में गई थी। इन परिवारों की उपस्थिति के जरिए भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि नई सरकार उन बलिदानों को नहीं भूली है, जिनके दम पर पार्टी आज सत्ता के शिखर तक पहुँची है।
समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भाजपा शासित 9 राज्यों के मुख्यमंत्री और कई उपमुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे। बंगाल की धरती पर राष्ट्रीय नेताओं का यह जमावड़ा 2026 के इस बदलाव को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की कोशिश है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शहीद परिवारों को अग्रिम पंक्ति में जगह देकर भाजपा तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ अपने उस विमर्श को और मजबूत कर रही है, जिसे उसने पूरे चुनाव अभियान के दौरान प्रमुखता से उठाया था।
संयोगवश, यह शपथ ग्रहण समारोह रवींद्र जयंती के पावन अवसर पर हो रहा है। ऐसे में भाजपा ने इसे पूरी तरह बंगालियत के रंग में ढालने की तैयारी की है। पार्टी ने सभी नवनिर्वाचित पुरुष विधायकों को पारंपरिक धोती-पंजाबी और महिला विधायकों को साड़ी पहनने का सुझाव दिया है। सुबह से ही ब्रिगेड के मैदान में विश्वकवि रवींद्रनाथ ठाकुर के गीतों की गूँज सुनाई देगी और समारोह स्थल के प्रवेश द्वारों को बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और टेराकोटा थीम से सजाया जा रहा है। मेहमानों के स्वागत के लिए बंगाल के प्रसिद्ध झालमुड़ी और रसगुल्ला के विशेष स्टॉल भी लगाए जा रहे हैं। समारोह के लिए ब्रिगेड मैदान में तीन विशाल हैंगर तैयार किए गए हैं। मुख्य हिस्से में राज्यपाल आर. एन. रवि नई सरकार को शपथ दिलाएंगे। एक तरफ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी, तो दूसरी तरफ नया मंत्रिमंडल अपनी जगह लेगा। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बंगाल को उपमुख्यमंत्री भी मिलेगा। सत्ता के गलियारों में अग्निमित्रा पाल का नाम इस पद के लिए सबसे आगे चल रहा है। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाला यह कार्यक्रम बंगाल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ साबित होने वाला है।