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शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए कई रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 'फेस्टिवल ऑफ इंडिया', पारंपरिक खेल, लोक नृत्य और 'मैरिज इन इंडिया' (भारत में विवाह परंपराएं) जैसे कार्यक्रमों के जरिए देश की समृद्ध संस्कृति को दर्शाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के ऐतिहासिक 'राज्य प्रशिक्षण केंद्र, गंगानगर' में राष्ट्रीय एकता शिविर (NIC) 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 10 से 14 मई तक चलने वाले इस पांच दिवसीय शिविर में देश के विभिन्न हिस्सों से आए 182 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इस शिविर में पूर्वी रेलवे, उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे, पश्चिम बंगाल, झारखंड, हरियाणा और दक्षिण पूर्व रेलवे सहित कुल 6 राज्यों/इकाइयों के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स अपनी सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन कर रहे हैं।

शिविर के उद्घाटन समारोह में मुख्य आयुक्त (स्काउट) श्री श्यामल कुमार विश्वास ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उनके साथ सहायक निदेशक अनलेंद्र शर्मा, एसओसी (स्काउट) प्रबोध रंजन विश्वास और राज्य सचिव टिटो देब भी उपस्थित रहे। उद्घाटन के अवसर पर श्री विश्वास ने कोलकाता की धरती पर विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक साथ देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर युवाओं के बीच एकता, मित्रता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अनुशासन और स्काउटिंग की सच्ची भावना के साथ गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि श्री श्यामल कुमार विश्वास ने अपने संबोधन में गंगानगर प्रशिक्षण केंद्र के गौरवशाली इतिहास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गंगानगर का यह मैदान लगभग 100 साल पुराना है और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के सबसे पुराने और ऐतिहासिक केंद्रों में से एक है। इस पवित्र भूमि ने पीढ़ियों से स्काउट्स और गाइड्स को सेवा, नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता का पाठ पढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस ऐतिहासिक स्थल की विरासत आज के युवाओं को देश सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी।

शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए कई रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 'फेस्टिवल ऑफ इंडिया', पारंपरिक खेल, लोक नृत्य और 'मैरिज इन इंडिया' (भारत में विवाह परंपराएं) जैसे कार्यक्रमों के जरिए देश की समृद्ध संस्कृति को दर्शाया जा रहा है। इसके अलावा, देशभक्ति गीत, राज्य प्रदर्शनी, रंगोली और 'फूड प्लाजा' जैसे आयोजन आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, जहां विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों और कलाकृतियों की झलक देखने को मिल रही है। यह शिविर न केवल कौशल विकास का मंच बना है, बल्कि 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना को भी साकार कर रहा है।