Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

जालसाजी मामले में सीआईडी का बड़ा एक्शन, भवानी भवन में हाई-प्रोफाइल ड्रामा

अभिषेक और कुणाल घोष को आमने-सामने बैठाकर 4 घंटे पूछताछ

14 Jun 2026

जालसाजी मामले में सीआईडी का बड़ा एक्शन, भवानी भवन में हाई-प्रोफाइल ड्रामा

कोलकाता। विधानसभा में हुए बहुचर्चित और कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले की जांच कर रही सीआईडी ने रविवार को अपनी कार्रवाई में एक बड़ा और बेहद आक्रामक मोड़ ला दिया है। सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने भवानी भवन स्थित अपने मुख्यालय में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और पार्टी के कद्दावर नेता व विधायक कुणाल घोष को आमने-सामने बैठाकर बेहद कड़ी और मैराथन पूछताछ की। लगभग चार घंटे तक चले इस कड़े सवाल-जवाब और बयानों के मिलान के बाद कुणाल घोष शाम को सीआईडी दफ्तर से बाहर निकले, जबकि हाई-प्रोफाइल आरोपी अभिषेक बनर्जी रात 8.20 बजे तक भवानी भवन के भीतर ही मौजूद रहे, जहां अधिकारियों ने उनसे जुड़े अन्य संवेदनशील पहलुओं पर भी पूछताछ जारी रखी। 
भवानी भवन में रविवार को सुबह से ही भारी राजनीतिक सरगर्मी और कड़ा पहरा देखा गया। सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी अपने निर्धारित समय से काफी पहले, दोपहर करीब 11.43 बजे ही सीआईडी मुख्यालय पहुंच गए थे। इसके बाद, दोपहर लगभग 3.30 बजे विधायक कुणाल घोष भी जांच एजेंसी के समन पर वहां पेश हुए। सीआईडी की विशेष जांच टीम ने बिना वक्त गंवाए दोनों ही नेताओं को एक ही कमरे में आमने-सामने बैठाया और इस पूरे मामले के अलग-अलग पहलुओं पर सवालों की बौछार कर दी। अधिकारियों ने इस दौरान दोनों नेताओं के बयानों में आ रहे विरोधाभासों को पकडऩे के लिए उनका मौके पर ही मिलान किया। 
यह पूरा बेहद संवेदनशील मामला विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन के लिए राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस महत्वपूर्ण पत्र में कई विधायकों के फर्जी और जाली हस्ताक्षर किए गए थे। बगावत के बाद कुछ विधायकों ने सरेआम यह दावा करके सनसनी फैला दी थी कि उन्होंने इस प्रकार के किसी भी दस्तावेज या पत्र पर कभी दस्तखत किए ही नहीं थे, जबकि पत्र में कुछ विधायकों के नाम कथित रूप से बेहद संदेहास्पद तरीके से केवल ब्लॉक अक्षरों में दर्ज पाए गए थे। इस पूरे विवादित पत्र पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में अभिषेक बनर्जी के भी आधिकारिक हस्ताक्षर मौजूद थे, जिसके कारण सीआईडी इस मामले के मुख्य सूत्रधारों तक पहुंचने के लिए उनसे लगातार पूछताछ कर रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी कर तलब किया था। हालांकि, शुरुआती दौर में अभिषेक ने अपनी व्यस्तताओं और अन्य सांगठनिक कारणों का हवाला देते हुए पेशी से कानूनी राहत मांगी थी, जिसके बाद यह पूरा सियासी विवाद कलकत्ता हाईकोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया था। बाद में, हाईकोर्ट के कड़े रुख और निर्देशों के बाद अभिषेक बनर्जी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जांच में औपचारिक रूप से सहयोग करना शुरू किया। हाईकोर्ट ने अभिषेक को सीआईडी के साथ सहयोग करने का साफ निर्देश देने के साथ ही, उन्हें एक बड़ी अंतरिम राहत भी दी है, जिसके तहत अदालत ने फिलहाल दो सप्ताह तक उनके खिलाफ गिरफ्तारी जैसी किसी भी कठोर कार्रवाई पर रोक लगा रखी है। 
इस हाई-प्रोफाइल मामले की आंच अब अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले सहयोगियों तक भी पहुंचने लगी है। सीआईडी की टीम इस पूरी जालसाजी के पीछे अभिषेक के खास सिपहसालार सुमित राय की मुख्य भूमिका और संलिप्तता की भी गहराई से जांच कर रही है। इसी सिलसिले में पिछले दिनों कोलकाता पुलिस और सीआईडी की टीम ने सुमित राय को दबोचने के लिए कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के निजी आवास पर एक बड़ा और औचक तलाशी अभियान भी चलाया था। हालांकि, उस हाई-प्रोफाइल छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां से न तो सुमित राय का कोई सुराग मिला और न ही कोई आपत्तिजनक दस्तावेज हाथ लगा था। राज्य की राजनीति को पूरी तरह से हिलाकर रख देने वाले इस मामले पर सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के तमाम नेताओं की पैनी नजरें टिकी हुई हैं।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


जालसाजी मामले में सीआईडी का बड़ा एक्शन
अभिषेक और कुणाल घोष को आमने-सामने बैठाकर 4 घंटे पूछताछ





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News