पेपर लीक मामलों के लिए गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट : प्रधानमंत्री
संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के निकट कांग्रेस के धरने के विरोध में किया गया।
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासी टकराव और तेज हो गया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन के मकर द्वार पर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आवास के निकट कांग्रेस के धरने के विरोध में किया गया।
भाजपा ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वे विपक्ष की जिम्मेदारी निभाने के बजाय केवल हंगामा कर रहे हैं। सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बैनर लेकर प्रदर्शन कर सदन का समय बर्बाद करती है और उन मुद्दों से बचती है, जिन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
संबित पात्रा ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने छात्रों और सोनम वांगचुक से बातचीत की। उनके अनुसार, बातचीत में यह बात सामने आई कि पेपर लीक के मुद्दे पर गंभीर मंथन और कड़े कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदन में इस मुद्दे पर चर्चा नहीं चाहती, बल्कि केवल राजनीति करना चाहती है। पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एनडीए छात्रों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के हितों से बढ़कर कुछ नहीं है और इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।