वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
भारत-अमेरिका परमाणु समझौते के बाद पहली बार इतनी हाईलेवल मीटिंग हो रही है। दुनिया में हर दिन नई-नई टेक्नॉलिजी डेवलप हो रही हैं। ये साझा मीटिंग इसीलिए की जा रही है ताकि इनपर गहनता से चर्चा हो सके।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Adviser) अजित डोभाल ने यहां अपने अमेरिकी समकक्ष जेक सुलिवन के साथ मिलकर इनीशिएटिव फॉर क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की पहली हाई लेवल मीटिंग की। व्हाइट हाउस ने डोभाल और सुलिवन के बीच आईसीईटी (ICET) की पहली बैठक के समापन के बाद एक फैक्ट शीट जारी की।
इस शीट में कहा, हम आपसी विश्वास और भरोसे पर आधारित एक मुक्त (Free), सुलभ (Easy) और सुरक्षित प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र (safe Technology) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करेगा।
आईसीईटी अमेरिका और भारत की साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है।यह ऐसी प्रोद्योगिकी है जिससे दोनों देशों के वैश्विक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे दोनों देशों की आर्थिक प्रतिस्पर्धा को भी मजबूती मिलेगी।
मई 2022 में तोक्यो में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के बीच बैठक के बाद पहली बार एक संयुक्त बयान में आईसीईटी का उल्लेख किया गया था।