तारातला में निर्माणाधीन गोदाम की छत ढही, 3 मजदूरों की मौत, 18 को बचाया गया
करया में हुई दिल दहला देने वाली घटना, 4 गिरफ्तार
कोलकाता। करया थाना क्षेत्र में भीड़तंत्र की हिंसा का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। मोबाइल चोरी के संदेह में मोहम्मद सिकंदर नामक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है और पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना बुधवार रात की है। सिकंदर और रॉकी, दोनों करया के कुस्तिया रोड इलाके के रहने वाले और एक-दूसरे को पहले से जानते थे। हाल ही में रॉकी का मोबाइल फोन चोरी हो गया था। इसके लिए उसने शक की सुई सिकंदर पर टिका दी। बुधवार रात जब सिकंदर को लंबे समय बाद इलाके में देखा गया, तो रॉकी और उसके साथियों ने पहले बहस शुरू की और बाद में उसे पकड़कर जमकर पीटा। गंभीर रूप से घायल सिकंदर को परिवार ने पहले कलकत्ता नेशनल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। वहां से हालत बिगडऩे पर एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिवार ने उन्हें एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। गुरुवार को सिकंदर की पत्नी ने करया थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। इसके आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी रॉकी और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या कानून के रहते भी लोग खुद न्याय करने लगे हैं? मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ शक के आधार पर किसी की जान लेना सभ्य समाज के लिए कलंक है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। एक मोबाइल की चोरी की आशंका ने एक निर्दोष जान ले ली। अब सवाल यह है कि क्या यह समाज उस दिशा में जा रहा है जहाँ कानून की जगह भीड़ इंसाफ करेगी? पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसी घटनाओं पर रोक के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।